धारा 370 मामला सुप्रीम कोर्ट में : जानिए जरूरी बातें
धारा 370 मामला सुप्रीम कोर्ट में : जम्मू कश्मीर राज्य से धारा 370 हटा 3 हफ्ते हुए और सुप्रीम कोर्ट में आज इसको लेकर 14 याचिकाएं दायर की गई जिन पर आज सुनवाई हुई।धारा 370 के प्रावधानों को हटाए जाने को लेकर कुल 14 याचिकाएं दायर की गई थी जिनमें से 9 याचिकाएं 370 हटाने को चुनौती देती है। सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की संवैधानिक पीठ अक्टूबर के पहले हफ्ते से 370 हटाया जाने वाली इन याचिकाओं पर सुनवाई करेगी।
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र के उस अनुरोध को खारिज कर दिया है जिसमें उसकी तरफ से एक मध्यस्थ का नियुक्त करने की बात कही गई थी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव सीताराम येचुरी को भी अपने पार्टी के नेता मोहम्मद यूसुफ़ तारिगामी से मिलने की इजाजत दी गई है लेकिन वह इसके अलावा किसी अन्य उद्देश्य से नहीं मिल सकेंगे यदि उन्होंने ऐसा किया तो इसे कानून का उल्लंघन माना जाएगा।
एक अन्य याचिकाकर्ता मोहम्मद सैयद कौन अंदाज में उनके माता-पिता से मिलने की इजाजत कोर्ट द्वारा दे दी गई है। चीफ जस्टिस ने कहा कि सैयद को पुलिस सुरक्षा मुहैया करवाई जाए।इसके अलावा मीडिया के अधिकारों के हनन के मामले पर दायर याचिका की गई जिसमें कश्मीर टाइम्स के एक्जीक्यूटिव एडिटर अनुरोध भसीन की याचिका में कहा गया कि राज्य में इंटरनेट लैंडलाइन और अन्य कम्युनिकेशन पर लगी रोक को हटाया जाए इस पर कोर्ट ने केंद्र को नोटिस जारी कर दिया है और 7 दिनों के अंदर एक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
धारा 370 मामला सुप्रीम कोर्ट में : चीफ जस्टिस ने अहम टिपण्णी करते हुए कहा……

सुप्रीम कोर्ट द्वारा 370 के प्रावधानों को हटाए जाने और राज्य में उसको लेकर लगाए गए प्रतिबंधों पर पर केंद्र और जम्मू-कश्मीर प्रशासन को नोटिस जारी किया गया है। चीफ जस्टिस ने अहम टिपण्णी करते हुए कहा कि भारत के नागरिक के तौर पर प्रत्येक नागरिक को यह अधिकार है कि वह देश के किसी भी हिस्से में भ्रमण कर सकता है। कुछ दिन पहले भी सर्वोच्च अदालत ने कहा था कि कश्मीर में हालात ठीक करने के लिए कोर्ट सरकार कुछ और समय देना चाहती है।
आने वाले समय में जहां धारा 370 कोर्ट में लंबित हो चुका है तो ऐसे में देखना होगा कि केंद्र सरकार जिसने गृह मंत्री अमित शाह के हवाले से कहा था कि उन्हें यह पता है कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक जाएगा , लोग उसके खिलाफ याचिका दायर करेंगे और इसीलिए सरकार ने बहुत सोच समझ कर इसे हटाने का फैसला लिया है और इसके लिए उसने पूरा होमवर्क पहले से कर लिया था अब अक्टूबर से पता चलेगा कि इस मामले पर क्या होने वाला है
जहां तक 370 की संविधान की को संवैधानिकता को चुनौती देने की बात है तो संसद के पास प्रथम अधिकार है कि वह किसी कानून को बनाया या हटाए ऐसे में सुप्रीम कोर्ट फैसले को पूरी तरीके से पलट देगी ऐसा कह पाना बेहद कठिन है।
कश्मीर के चक्कर में दिख गया पाकिस्तान का असली डर

Web Journalist
Ex- Punjab Kesari, Bihar Express, Unacademy

